
रात 9 बजे तक नहीं खाया खाना, VC आवास पहुंचे छात्र; मेस नियम और कमेटी पर उठे सवाल
केंद्रीय विश्वविद्यालय के बी-7 छात्रावास में मेस के खाने को लेकर बुधवार रात जमकर हंगामा हुआ। नाराज छात्रों ने विरोध में रात 9 बजे तक खाना नहीं खाया। वार्डन के समझाने के बाद भी जब बात नहीं बनी तो छात्र सीधे कुलपति प्रो. आनंद भालेराव के आवास पहुंच गए।
एक्सपायरी ब्रेड से बढ़ा गुस्सा

छात्रों का कहना है कि मेस में लंबे समय से खराब गुणवत्ता का खाना दिया जा रहा है। शनिवार को नाश्ते में एक्सपायरी डेट वाली ब्रेड परोसी गई, जिसके बाद छात्रों का गुस्सा और बढ़ गया। उनका आरोप है कि इस मामले में मेस कमेटी ने भी कोई कार्रवाई नहीं की।
‘बार-बार शिकायत, कोई सुनवाई नहीं’
विद्यार्थियों ने बताया कि वे कई महीनों से मेस के खाने को लेकर शिकायत कर रहे हैं, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिलता है। उनका कहना है कि मेस वेंडर पर अब तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई।
मेस कमेटी पर पक्षपात के आरोप
छात्रों ने मेस कमेटी के गठन पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि कमेटी का चयन पारदर्शी तरीके से नहीं होता और इसमें प्रशासन के करीबी छात्रों को ही जगह दी जाती है। इससे छात्रों की समस्याएं ठीक से नहीं उठ पातीं।
VC ने दिया कार्रवाई का भरोसा
बुधवार रात छात्रों के पहुंचने पर कुलपति ने तीन प्रतिनिधियों से बातचीत की और सोमवार को मेस का दौरा करने का आश्वासन दिया। तय कार्यक्रम के अनुसार सोमवार शाम को कुलपति मेस पहुंचे और छात्रों, वार्डन व अन्य पक्षों से बात की। उन्होंने जल्द सुधार का भरोसा दिया।
छात्रों की मुख्य मांगें:
- मेस के खाने की गुणवत्ता सुधारी जाए
- मेस में खाना अनिवार्य करने का नियम खत्म किया जाए
- मेस कमेटी का गठन चुनाव के जरिए हो
- मौजूदा वेंडर पर कार्रवाई कर उसे हटाया जाए
छात्रों का कहना है कि अगर जल्द सुधार नहीं हुआ तो वे आगे भी आंदोलन करेंगे।
